तेरी यादों का बस्ता teri yaadon ka basta










तू जब छोड़ गयी मुझे 
तो मेरे पासकुछ चीज़ें बची
थी तेरी

कुछ यूँ थी
तेरी यादों से भरा एक बस्ता था
अभी पिछली रात तक
मेने उसे अपने कंधों पर टांगा हुआ था
वो बस्ता बड़ा हल्का लगता था मुझे

पर तू जैसे ही मुझे छोड़ गयी
और ये यादों का बस्ता
उतारने के लिए कह गयी

ये बस्ता मुझे ना
जाने क्यों बहुत भारी लगने लगा

यूँ लगा मानो जैसे 
इस बस्ते का और मेरा
हम दोनों का सफर
या तो थम गया
या तो खत्म हो गया

अब बस्ता हल्का करने के लिए
इसमें से तेरी एक एक याद खाली
करनी पड़ेगी मुझे
बस्ते की चटकनी खोल कर
बस्ते की चैन को खोल कर

पर इस काम के शुरू होने
और खत्म होने के दरमियाँ
कहीं टूट के बिखर ना
जाऊं मैं

इससे बेहतर होगा
बस्ते को बिना खोले
बंद कर कहीं छुपा दूँ

या तो कुछ वक्त बाद
मैं उस बस्ते को भूल जाऊं
कहीं रख कर 

या कभी तू मुझ से फिर
टकराई अगर कहीं
किसी मोड़ पर
तो तुझे ये बस्ता मैं
वापस कर दूंगा
क्यूंकि यादें भी तो तेरी हैं
सामान भी तो तेरा है

मैने तो कुछ वक़्त
के लिए जगह दी थी
इस सामान को रखने के लिए

वो वख्त अब खत्म हुआ
उसकी वैधता समाप्त हो गयी

अधिकतम उपयोग की सीमा
अब ख़त्म हुई

किसी भी incoming कॉल के लिए
हमारे प्लान की भी वैधता अब समाप्त हुई 



WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY
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