ON IRRESPECTIVE AND , UNCONDITIONAL LOVE : LGBTQ



तेरा मेरा प्यार
ना देखे रंग ना देखे रूप ये प्यार 
जब हो न देखे अमीर गरीब ऊंच नीच जाति पाति  
बस एहसास हो जो होने को हो जाए
तो क्या प्यार देखे जिन्स ( लिंग ) ,सूरत , जिस्म 
ये तो सब बाहरी है 

प्यार तो जाने रूह को  
वो सुने रूह को 
वो देखे रूह को 
वो जाने रूह को 
तो जिंस का मसला क्या है

जब देखा होश में आंखें खोल के 
तो दिखाई दिया की प्यार तो दो के बीच ही हो सकता है 
एक मर्द दूसरी औरत
प्यार में भी निज़ाम हैं साहब दुनिया में 
साहब हमें तो तीसरे किसी किस्म की खबर ही ना थी

या मानो वो तीसरी किस्म कहीं दबी हुई हो 
कहीं छुपी हुई हो 
वो प्यार कहीं डरा सहमा छुपा हुआ हो 
पर प्यार तो डरना सिखाता नहीं

अब तो कुछ नया दिख रहा है प्यार है प्यार दिख रहा है
21वीं सदी की दुनिया सिखाती है एक अच्छी आदत 
जो नया है उसे कुबूल करो ताउम्र करो 

जा सिमरन जा
अपनी खुशियां पाले कभी ना कभी  अब फिर सुनेंगे

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