आज भी इंतज़ार है बारिश का







आज भी इंतज़ार है
उस बारिश का 

जब तेरी ज़ुल्फ़ों से 
जो बारिश का पानी 
बूंद बूँद कर टपक रहा होगा

काश वो बूँद बूँद
ज़मीन पर न गिर कर
काश मुझ पर गिरती
भिगो देती मेरे दिल की ज़मीन को

बरसात में नहाया तो मेरा तन भी है 
मन की धरा 
तो अब भी प्यासी है 

सिर्फ तेरे इंतज़ार में...........


WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY
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