Posts

Showing posts from October, 2019

मत रोक इन्हें तू बहने दे आँसू ही तो हैं

Image
मत रोक इन्हें तू बहने दे आँसू ही तो हैं दिल में उठती हुई लहरों की बातें ही तो हैं हवा के झोंकों की तरह ही तो हैं जो कब तुझे छू कर कब तेरे पास से गुजर जायेंगे तुझे पता ही न चलेगा किसी की याद में निकले या किसी के जाने के बाद निकले निकले तो यूँ निकले मानो समंदर भर देंगे मानो दिल को तसल्ली भी खूब देंगे आंसू ही तो हैं बहने दे इन्हें क्या इन के लिए भी कोई सीमा है जहां इन्हें भी बंध के रहना है तू तो ताउम्र बंधा रह गया ख्वाहिशों की ज़ंजीरों में क्या इंसान तू इन्हें भी बांधेगा मत कर ऐसा इन्हें बांधकर तू क्या इंसान कहलायेगा  WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY IF ANY SUGGESTION ALWAYS WELCOME DONT COMMENT USING GOOGLE ACCOUNT , BLOGGER NOT SUPPORTED GOOGLE ACCOUNT IN COMMENTS SECTION COMMENTS MAY BE DISAPPEARED IF YOU USE GOOGLE ACCOUNT FOR COMMENT

तेरी यादों का बस्ता teri yaadon ka basta

Image
तू जब छोड़ गयी मुझे  तो मेरे पास कुछ चीज़ें बची थी तेरी कुछ यूँ थी तेरी यादों से भरा एक बस्ता था अभी पिछली रात तक मेने उसे अपने कंधों पर टांगा हुआ था वो बस्ता बड़ा हल्का लगता था मुझे पर तू जैसे ही मुझे छोड़ गयी और ये यादों का बस्ता उतारने के लिए कह गयी ये बस्ता मुझे ना जाने क्यों बहुत भारी लगने लगा यूँ लगा मानो जैसे  इस बस्ते का और मेरा हम दोनों का सफर या तो थम गया या तो खत्म हो गया अब बस्ता हल्का करने के लिए इसमें से तेरी एक एक याद खाली करनी पड़ेगी मुझे बस्ते की चटकनी खोल कर बस्ते की चैन को खोल कर पर इस काम के शुरू होने और खत्म होने के दरमियाँ कहीं टूट के बिखर ना जाऊं मैं इससे बेहतर होगा बस्ते को बिना खोले बंद कर कहीं छुपा दूँ या तो कुछ वक्त बाद मैं उस बस्ते को भूल जाऊं कहीं रख कर  या कभी तू मुझ से फिर टकराई अगर कहीं किसी मोड़ पर तो तुझे ये बस्ता मैं वापस कर दूंगा क्यूंकि यादें भी तो तेरी हैं सामान भी तो तेरा है मैने तो कुछ वक़्त के लिए जगह दी थी इस सामान को रखने के लिए वो वख्त अब खत्म हुआ उसकी वैधता स...

तेरे बिना हम अधूरे हैं

Image
 image source : https://www.jagranimages.com/images/2shiva_2017_1_1_94358.jpg तेरे बिना तेरे बिना अर्धनारीश्वर भी अधूरा तेरे बिना किशन भी अधूरा तू है तो सब पूरे हैं तू नहीं तो अधूरे हैं सपने भी कहाँ बिन तेरे पूरे हैं जैसे शजर अपने पत्तों के बिन अधूरे हैं जैसे बिन पँखों के पंछी अधूरे हैं वैसे ही कुछ तेरे बिन हम ठहरे हैं तू दिए की वो लौ है जिसके बिन दिया भी अधूरा दिवाली अधूरी लोहड़ी अधूरी मेरे दिल की कहानी अधूरी WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY IF ANY SUGGESTION ALWAYS WELCOME DONT COMMENT USING GOOGLE ACCOUNT , BLOGGER NOT SUPPORTED GOOGLE ACCOUNT IN COMMENTS SECTION COMMENTS MAY BE DISAPPEARED IF YOU USE GOOGLE ACCOUNT FOR COMMENT

जलते हुए दिए और तेरी मुस्कान

Image
                     ( image source : https://www.pinterest.com/pin/775393260820516551/ ) जलते हुए दिए  और तेरी मुस्कान  दोनों एक जैसे  मैं दिवा तू मेरी बाती  हम दोनों साथ साथ  पर अलग अलग  दोनों के जैसे  दिवाली में दीयों को  चारों ओर जलते हुए देख  मुझे लगे कि  तू मानो कब से  खिलखिला के हँस  रही हो  तू जहां भी हो  हँसे मुस्कुराये बस इतनी सी ही दुआ है  WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY IF ANY SUGGESTION ALWAYS WELCOME DONT COMMENT USING GOOGLE ACCOUNT , BLOGGER NOT SUPPORTED GOOGLE ACCOUNT IN COMMENTS SECTION COMMENTS MAY BE DISAPPEARED IF YOU USE GOOGLE ACCOUNT FOR COMMENT

कहीं कुछ बिखरा हुआ है PARTITION OF INDIA POEM

Image
image source : https://img.etimg.com/thumb/msid-60037787,width-643,imgsize-77618,resizemode-4/how-partitions-grandchildren-on-both-sides-of-the-border-are-collecting-memorabilia.jpg कहीं कुछ बिखरा हुआ है  क्या पता नहीं तेरे लिए बहुत जरूरी है क्या  नहीं पता नहीं  क्यों लगता है तुझे ऐसा कि कुछ बिखरा हुआ है किसी वक्त की कुछ यादें हैं  जिनके टूटे टुकड़े ना जाने  क्यों बिखरे दिखते हैं मुझे कैसी हैं वो यादें  क्या उनकी कोई शक्ल है या क्या है ? सन 47 में देश जब टूटा  कुछ यादें इस ओर ,कुछ उस ओर   यूं हो गया मानो यादों का  एक गुलदस्ता था जो जमीन पर गिर गया गिर कर चूर चूर हो गया घड़ी में वक्त बताने वाली वो सूइयां  जो 1,2,3,4 ऐसे कर 12  बिंदुओं पर रुकती थी वो घड़ी टूट गई सुईया बाहर निकल कर कहीं गिर गई हो सकता है टूट गई हो  मैंने बहुत ढूंढा पर मिली नहीं  शायद उन मजबूर लोगों के जैसे  जिन्होंने उस वक्त कुछ ना ...

तू कहीं तो होगी

Image
image source : https://lessonslearnedinlife.com/wp-content/uploads/Don%E2%80%99t-make-them-wait-too-long-%E2%80%93-why-you%E2%80%99ll-end-up-losing-someone-who-waited-for-you.-640x427.jpg तू कहीं तो होगी  कहीं बैठी हुई , कहीं खड़ी हुई  दुनिया के किसी कोने में  अनजान सी  मुझसे और मैं तुझसे अनजान सा मैं कह तो ऐसे रहा हूं  मानो बहुत पहले से तुझे जानता हूं  बस तुझसे बात करने के लिए  कमबख्त फोन न मिल रहा हो तुझसे बात करने के लिए और  मानो उसी झुंझलाहट में  मैं ये कविता लिख रहा हू पर तू तो अभी अनजान है मेरे लिए  ना मुझे तेरी सूरत पता  न तेरा नाम  बस तेरे घर के पते में भी  बस तेरे होने का पता है  ना तुझे मेरा पता  ना मुझे तेरा  पर जब मिलेंगे तो...... पता नहीं इंतजार करते हैं कभी तो मिलेंगे WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY IF ANY SUGGESTION ALWAYS WELCOME DONT COMMENT USING GOOGLE ACCOUNT , BLOGGER NOT SUPPORTED GOOGLE ACCOUNT IN CO...

कुछ परेशान हूं

Image
image source : https://brainconnection.brainhq.com/wp-content/uploads/2000/07/stress-1200x600.png कुछ परेशान हूं तनाव है, कुछ समझ  नहीं आ रहा है        क्यों ? शायद डर है गिरने का  कितनी ऊंचाई से , पता नहीं  तो क्या गिरकर  संभलेगा नहीं संभल तो जाऊंगा पर कुछ चीजें बिखर जाएंगे  तो क्या वो बिखरी चीजें ,समेटी नहीं जा सकती  नहीं बिल्कुल समेटी जा सकती हैं  तो समेट उन्हें दुबारा दुरुस्त कर उन्हें  सजा उन्हें सवार उन्हें  जो तेरे हाथ में है वह कर तो सही  फिर देख ख्वाब पूरी करने की हसरत रख WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY IF ANY SUGGESTION ALWAYS WELCOME DONT COMMENT USING GOOGLE ACCOUNT , BLOGGER NOT SUPPORTED GOOGLE ACCOUNT IN COMMENTS SECTION COMMENTS MAY BE DISAPPEARED IF YOU USE GOOGLE ACCOUNT FOR COMMENT

तेरी याद

Image
जब थकान होती है  फिर तेरी याद साथ होती है  तूने तो वक्त गुजारा नहीं हमारे साथ कभी  पर तेरी याद वक्त गुजारती है हमारे साथ  बड़े ही अदब के साथ पल दर पल की खबर बताती है  कुछ तो मेरे दिल की बात होती है बुनी हुई  कुछ अरसे पहले कि तेरी बातें होती हैं सुनी हुई  कोशिश करता हूं तेरी याद ना आए कभी  ऐसा हो मैं यह चाहूं कि तेरी याद के साथ कभी तेरा भी दीदार हो जाए  बस गुजर जा मेरी गली से  मैने कब कहा कि ठहर जा मेरी गली में  इसी उधेड़बुन में वक्त बीतता है मेरा  पर दिमाग कहता है कमाल है यारा  कुछ कर लो दीन धर्म निभा लो  चलो तो अब चलता हूं  यूँ सोचते सोचते थकान खत्म हुई  पर तेरी याद नहीं  दिल बहलाने को कहा की थकान जब होती है तब तू साथ होती है  तुझे भुला ही कब हूं कि तुझे याद करना पड़े WRITTEN BY ROHIT CHAKRVERTY IF ANY SUGGESTION ALWAYS WELCOME DONT COMMENT USING GOOGLE ACCOUNT , BLOGGER NOT SUPPORTED GOOGLE ACCOUNT IN COMMENTS SECTION COMMENTS MAY BE DI...

ON IRRESPECTIVE AND , UNCONDITIONAL LOVE : LGBTQ

Image
image source :  https://www.zuckermanlaw.com/wpcontent/uploads/LGBT/lgbt_rights_word_collage-768x512.jpg तेरा मेरा प्यार ना देखे रंग ना देखे रूप ये प्यार  जब हो न देखे अमीर गरीब ऊंच नीच जाति पाति   बस एहसास हो जो होने को हो जाए तो क्या प्यार देखे जिन्स ( लिंग ) ,सूरत , जिस्म  ये तो सब बाहरी है  प्यार तो जाने रूह को   वो सुने रूह को  वो देखे रूह को  वो जाने रूह को  तो जिंस का मसला क्या है जब देखा होश में आंखें खोल के  तो दिखाई दिया की प्यार तो दो के बीच ही हो सकता है  एक मर्द दूसरी औरत प्यार में भी निज़ाम हैं साहब दुनिया में  साहब हमें तो तीसरे किसी किस्म की खबर ही ना थी या मानो वो तीसरी किस्म कहीं दबी हुई हो  कहीं छुपी हुई हो  वो प्यार कहीं डरा सहमा छुपा हुआ हो  पर प्यार तो डरना सिखाता नहीं अब तो कुछ नया दिख रहा है प्यार है प्यार दिख रहा है 21वीं सदी की दुनिया सिखाती है एक अच्छी आदत  जो नया है उसे कुबूल करो ताउम्र ...